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ब्लॉकचेन क्या है | blockchain kya hai | ब्लॉकचेन कैसे काम करती है ?

TABLE OF CONTENT 


1. Blockchain 

ब्लॉकचेन एक डिजिटल लेजर है जिसमें डेटा को सुरक्षित ढंग से संग्रहीत किया जाता है। यह एक बहुत ही सुरक्षित तकनीक है जो डेटा के अतिरिक्त जानकारी को बदलने से रोकती है

ब्लॉकचेन का अर्थ है "ब्लॉकों का श्रृंखला"। इस तकनीक में, डेटा ब्लॉक के रूप में संरचित किया जाता है, जो अन्य ब्लॉकों के साथ संबद्ध होते हैं। हर ब्लॉक में डेटा का संग्रह होता है, जिसमें पिछले ब्लॉक के हैश को सम्मिलित किया जाता है। इस प्रकार, ब्लॉकों के श्रृंखला में कोई भी डेटा बदलाव करने के लिए पूरे श्रृंखला को बदलना होगा, जो असंभव है।

ब्लॉकचेन को सबसे पहले बिटकॉइन के साथ जोड़ा गया था, जो एक विदेशी मुद्रा है। ब्लॉकचेन बिटकॉइन के पीछे की तकनीक होती है, जो बिटकॉइन ट्रांजेक्शन को सुरक्षित बनाती है। 

2. ब्लॉकचेन किसने बनाया ?

Blockchain का अविष्कार 2008 में सतोशी नाकामोटो नाम के व्यक्ति द्वारा हुआ था। उन्होंने Bitcoin को बनाने के लिए एक decentralized digital currency की आवश्यकता को अनुभव किया था। Blockchain एक decentralized ledger है जो की Bitcoin के transactions को संग्रहित करने के लिए उपयोग में आता है।

Blockchain का मूल उद्देश्य centralized authority की जरूरत को कम करना है। जिससे लोग अपने transactions को एक सुरक्षित तरीके से प्रोसेस कर सकते हैं, और इसमें बाधा का सामना नहीं करना पड़ता है।

Blockchain के अनुभव ने विभिन्न क्षेत्रों में इसका उपयोग करने की भी संभावना दिखाई है। इसमें स्वास्थ्य विज्ञान, वित्तीय सेवाएं, और सरकारी उपयोग शामिल हैं। वर्तमान समय में, blockchain का उपयोग क्रिप्टोकरेंसी जैसे Bitcoin के लिए सबसे ज्यादा होता है।

ब्लॉकचेन अब बहुत से उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में होता है जैसे:

क्रिप्टोकरेंसी: ब्लॉकचेन पहले से ही क्रिप्टोकरेंसी के ट्रांजेक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। बिटकॉइन, एथेरियम जैसी विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचेन पर आधारित हैं।

संपत्ति ट्रांजेक्शन: ब्लॉकचेन अब संपत्ति ट्रांजेक्शन को सुरक्षित करने के लिए भी उपयोग किया जाता है। यह विभिन्न संपत्तियों के लिए ट्रांजेक्शन करने वाले व्यक्तियों के बीच संवेदनशील लेनदेन को सुनिश्चित करता है।

ऑटोमेशन: ब्लॉकचेन अब औद्योगिक ऑटोमेशन के लिए उपयोग किया जाता है। यह अनुमति देता है कि अधिक नियंत्रण वाले ऑटोमेशन प्रणालियों के विकास की जाए, जो विभिन्न कारोबार और उद्योगों में उपयोग किए जाने के लिए सक्षम होंगे।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स: 

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एक स्वचालित और सुरक्षित नियमित समझौता होता है जो ब्लॉकचेन पर निर्धारित होता है। यह एक कॉन्ट्रैक्ट होता है जो क्रिप्टोकरेंसी या अन्य डिजिटल वस्तुओं की खरीद और बेच जैसे संबंधों को स्वत: संचालित करता है।

एक स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में निर्धारित नियमों और शर्तों को ब्लॉकचेन पर कोड कर दिया जाता है, जिससे उन्हें स्वचालित रूप से पूरा किया जा सकता है। इसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है, जैसे कि वित्तीय समझौतों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, संपत्ति और अन्य कारोबार के समझौतों में।

यह स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन के उपयोग को और सुरक्षित बनाता है क्योंकि इनमें संवेदनशील लेनदेन निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार स्वतः ही संपन्न होते हैं, जिससे मिथ्या लेनदेनों या धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।

3. ब्लॉक चैन में ब्लॉक का क्या अर्थ है ?

ब्लॉकचेन में "ब्लॉक" शब्द का अर्थ होता है डिजिटल डेटा के संग्रह को दर्शाने वाली इकाई। यह डेटा ब्लॉक नामक संरचनात्मक इकाई में एकत्रित किया जाता है और फिर उस ब्लॉक को ब्लॉकचेन नेटवर्क के सभी सदस्यों के सामने प्रस्तुत किया जाता है।

इस डेटा ब्लॉक में, विभिन्न प्रकार की सूचनाएं शामिल हो सकती हैं, जैसे कि लेनदेन की विवरण, समय-चिन्ह, और डेटा का डाइजेस्ट (यानी डेटा की संक्षिप्त प्रतिरूप)। यह ब्लॉक पिछले ब्लॉक का हैश (क्रिप्टोग्राफिक डाइजेस्ट) भी शामिल करता है, जिससे एक सँख्यात्मक संदर्भ (नंबरिंग) और ब्लॉकचेन में एकत्रित डेटा की प्रमाणिकता सुनिश्चित होती है।

यदि आप विस्तार से जानना चाहें, तो यह बताना महत्वपूर्ण है कि ब्लॉकचेन का उपयोग विभिन्न डिजिटल संदर्भों में होता है, जैसे कि क्रिप्टोकरेंसी (जैसे बिटकॉइन) और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स (जैसे ईथेरियम)।

4. How blockchain works ? step by step 

ब्लॉकचेन  कैसे काम करती है ?/ब्लॉकचेन कैसे काम करता है ?

ब्लॉकचेन एक डिस्ट्रीब्यूटेड डेटा स्टोरेज सिस्टम है जो डेटा को सुरक्षित रखता है और एक साथ रखता है। यह एक सिस्टम है जो क्रिप्टोग्राफी और पीढ़ी क्रमों का उपयोग करता है जो सुरक्षित होते हुए डेटा को एक नेटवर्क में भेजने और संग्रहित करने की अनुमति देते हैं।

ब्लॉकचेन में डेटा को ब्लॉक कहा जाता है जो एक स्थायी रूप से संग्रहित होता है। एक ब्लॉक में अनुभव और पूर्व ब्लॉक के साथ संबद्ध होता है, जिससे एक ब्लॉकचेन बनता है। इस तरह, हर ब्लॉक में डेटा की एक श्रृंखला होती है जो बहुत सुरक्षित होती है।

जब नए डेटा को ब्लॉकचेन में जोड़ा जाता है, तो वह सभी नोड के लिए उपलब्ध होता है जो नेटवर्क के अंदर होते हैं। नेटवर्क के एक नोड के द्वारा डेटा का अनुमतिपत्र बनाया जाता है जो एक डिजिटल हस्ताक्षर के रूप में जाना जाता है। इसे इस ब्लॉक के सभी अन्य कॉपीज़ में सम्मिलित किया जाता है।

Blockchain काम करने के लिए decentralized peer-to-peer network का उपयोग करता है जिसमें एक विशेष प्रकार का डेटाबेस होता है जिसे "ledger" कहा जाता है। इस ledger में सभी transactions की एक list होती है, जो कि network के सभी nodes के बीच वितरित होती है। यहां, हर node लेडगर के कॉपी के साथ साथ अपने खुद के डेटाबेस में भी transactions को संग्रहित करता है।

जब दो nodes के बीच कोई नया transaction होता है, तो यह transaction network के बाकी सभी nodes के साथ साझा किया जाता है। इस transaction को verify करने के लिए, नेटवर्क में कुछ nodes होते हैं जिन्हें "miners" कहा जाता है। Miners ट्रांसएक्शन को वेरिफाई करते हैं, जो कि cryptographic algorithm का उपयोग करके किया जाता है। इस algorithm के अनुसार, miners को दिए गए transaction को सुरक्षित बनाने के लिए एक cryptographic puzzle को हल करना होता है। Puzzle को हल करने वाला miner नए block को लेडजर में add करता है।

जब एक block add होता है, तो यह वितरित होता है और सभी nodes इस block को अपने खुद के लेडजर में add करते हैं। जब एक block लेडजर में add होता है, तो यह immutable होता है, जिसका मतलब है कि यह बदला नहीं जा सकता। इसका मतलब होता है कि एक बार एक transaction block में शामिल हो

5. ब्लॉकचेन कितने प्रकार के होते हैं?

ब्लॉकचेन कई प्रकार की हो सकती हैं, लेकिन यह निम्नलिखित दो मुख्य प्रकारों में व्यापक रूप से विभाजित होती है:

सार्वजनिक ब्लॉकचेन (Public Blockchain): सार्वजनिक ब्लॉकचेन वह होता है जिसमें कोई भी व्यक्ति ब्लॉकचेन पर प्रवेश कर सकता है, डेटा को सत्यापित कर सकता है और नये ब्लॉक को जोड़ सकता है। इस प्रकार के ब्लॉकचेन में प्रत्येक प्रतिष्ठित क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन, एथरियम आदि का उपयोग किया जाता है। सार्वजनिक ब्लॉकचेन खुले और सार्वभौमिक होता है, जिसका मतलब है कि इसमें कोई भी व्यक्ति डेटा को देख, सत्यापित कर और उपयोग कर सकता है।

निजी ब्लॉकचेन (Private Blockchain): निजी ब्लॉकचेन वह होता है जिसमें सिर्फ चयनित व्यक्ति ब्लॉकचेन पर प्रवेश कर सकते हैं और उसे सत्यापित और नये ब्लॉक को जोड़ सकते हैं। इस प्रकार के ब्लॉकचेन में डेटा और संबंधित सूचना सीमित होती है 

निजी ब्लॉकचेन एक प्रकार का ब्लॉकचेन है जिसमें संगठनों या व्यापारिक संघों के बीच एक सीमित समूह द्वारा नियंत्रित डेटा संग्रहीत होता है। इसका मतलब है कि इस ब्लॉकचेन में केवल उन व्यक्तियों या संगठनों की पहचान होती है जिन्हें एक्सेस दिया गया है और उनकी प्रतिष्ठितता को सत्यापित करने के लिए क्रिप्टोग्राफी तकनीक का उपयोग किया जाता है।

निजी ब्लॉकचेन का उपयोग विभिन्न उद्योगों और संगठनों में सुरक्षित और गोपनीयता बनाए रखने के लिए किया जाता है। इसे एक विशेष संघ के सदस्यों द्वारा साझा किया जा सकता है, जहां केवल वे लोग होंगे जिन्हें डेटा की आवश्यकता होती है। निजी ब्लॉकचेन की मुख्य विशेषताओं में सुरक्षा, विश्वसनीयता, त्रुटि निवारण, और दुरुस्तता शामिल होती हैं। यह उद्योगों में अंतर-आयोजन, संबंधित प्रोसेसों का सुधार और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के लिए उपयोग होता  है।